Namaz ke Baad ki Dua | हर नमाज़ के बाद की दुआ

Namaz ke Baad ki Dua

कोई शख्स सभी Namaz ke Baad ki Dua जानना चाहता है की कोई भी नमाज़ के बाद कौन सी दुआ मांगी जाती है तो आप बिलकुल सही जगह पर आये हो।

अगर कोई शख्स इस पोस्ट को इत्मिनान के साथ पढ़ेगा तो Namaz ki Dua के मुताल्लिक सभी सवालो का जवाब मिल जायेगा और उसी के साथ उसको अलग अलग नमाज़ में अलग अलग दुआ मांगने का तरीका भी मालूम चल जायेगा।

कोई भी नमाज़ हो सबसे पहले सलाम फेरने के बाद Namaz ke baad ki Tasbeeh पढ़ी जाती है फिर तस्बीह के बाद दुआ पढ़ा जाता है जो यहाँ पर सिखने वाले हो।

आज की पोस्ट में 10 से भी ज्यादा दुआ बताने वाला हूँ जो आप आसानी से याद कर सके किसी भी नमाज़ के बाद पढ़ा जा सकता है।

10+ Namaz ke Baad Padhne Wali Dua

दोस्तों यहाँ पर 10+ से ज्यादा दुआ बताने वाला हूँ जो अरबिक, हिंदी और इंग्लिश में होगा इसके साथ दुआ का तर्जुमा मीनिंग भी होगा जिसको आप आसानी से समझ कर याद कर सकेंगे।

यहाँ पर अलग अलग भाषा में दुआ इस लिए बता रहा हूँ की कुछ लोग को अरबिक पढ़ने नहीं आता है वैसे लोग हिंदी या इंग्लिश में लफ्ज़ को देख कर आसानी से याद कर सकते है।

हर लोगो को चाहिए की जो भी अरबिक भाषा या हिंदी में दुआ सीखेंगे तो उस दुआ में पढ़ने से अल्लाह सुबान व ता’अला पढ़ने वाले को क्या देने वाले है और इस दुआ में क्या बताया गया है इसको मालूम करने के इसके तर्जुमा जानना बहुत जरुरी होता है।

यह Farz Namaz ke Baad ki Dua भी है यानि जितने भी दुआ बताने जा रहा हूँ इसको किसी भी नमाज़ के बाद पढ़ सकते है चाहे फ़र्ज़ या वाजिब हो या सुन्नत व नफिल हो।

Rabbana Atina Fid Dunya

सबसे पहला नमाज के बाद की दुआ हिंदी में रब्बना अतिना है जिसको हर दुआ में पढ़ना चाहिए क्युकी इस दुआ में आपको दुनिया और आखिरत में कामयाबी की दुआ है।

rabbana atina fid dunya dua in arabic with hindi meaning
Rabbana Atina Fid Dunya

Rabbana Atina Fid Dunya in English

Rabbanaaa aatina fid dunyaa hasanatanw wa fil aakhirati hasanatanw wa qinaa azaaban Naar

Rabbana Atina Fid Dunya in Hindi

रब्बाना आतिना फिद दुनिया हसानतौं वाफिल आखिरति हसानतौं वक़िना आजाबन्नार

तर्जुमा हिंदी में

“ऐ हमारे रब हमें दुनिया में नेकी और आख़िरत में भी नेकी दे और हमें दोज़ख के अज़ाब से बचा.”

Allahumma Antas Salam Dua with Meaning

Allahumma Antas Salam Dua with Meaning and Arabic Text
Allahumma Antas Salam Dua

English:- Allahumma Antas-Salam wa minkas-salam. Tabarakta ya Dhal-jalali wal- ikram.

Hindi:- अल्लाहुम्मा अंतस्सलाम व मिनकस्लासम तबारकत या ज़लज़लाली वल इकराम

तर्जुमा:- ए अल्लाह तू सलामती वाला है, और तेरी तरफ ही सलामती है, तू बा-बरकत है, ए बुजुर्गी और इज्जत वाले।

यह Namaz ki Dua का छोटा दुआ है क्युकी इसी दुआ में जोड़ कर एक बड़ा दुआ भी है जो निचे बताया गया है।

Allahumma Antas Salam Full Dua with Meaning and In Arabic Text

Allahumma Antas Salam Full Dua with Arabic Text
Allahumma Antas Salam Full Dua with Arabic Text

English Transliteration:- Allahumma Antas Salam wa minkas Salam wa ilayka yarji’us salam fahayyina Rabbana bis salam wa adkhilna daraka daras salam tabarakta Rabbana wa ta’alayta Ya Dhal Jalali wal Ikram

Namaz ke Baad ki Dua in Arabic

Namaz Padhne ke Baad ki Dua
नमाज़ कायम करने वाली दुआ

अगर आप नमाज़ के मुताल्लिक दुआ मांगना चाहते है की अल्लाह सुबान व ता’अला मुझे पांच वक़्त की नमाज़ी बना दे तो आप सभी को ये दुआ मांगना चाहिए।

नमाज़ के बाद की दुआ ला इलाहा इल्लल्लाहु वदहु

दुआ:- ला इलाह इल्लल्लाहु वहदहु ला शरीक लहु, लहुल मुल्कु वलहुल हम्दु वहुव अला कुल्लि शैइन क़दीर

तर्जुमा:- अल्लाह के इलावा कोई सच्चा माबूद नहीं वह अकेला हे, उसका कोई साथी नहीं, उसी के लिए बादशाहत है, और उस के लिये तमाम तारीफ़ें हैं, और वह हर चीज़ पर क़ुदरत रखता है

ये दुआ बहुत ही बा बरकत वाली है क्युकी इसमें अल्लाह सुबान व ता’अला की तारीफ और बादशाहत बयान की गयी है जिसको हमेशा नमाज़ में पढ़ना चाहिए।

Namaz ke Baad ki Dua (दरूद शरीफ)

हिन्दी मे दुआ:- इन्नल्ला हा व मलाइका तहू युसल्लू न अलन्न नबियी या अय्यू हल्ल लज़ीना आमनू सल्लू अलयहि व सल्लिमू तसलीमा।

तर्जुमा:- बेशक अल्लाह तआला और उसके फ़रिश्ते दरूद भेजते है नबी सल्ल० पर , ऐ ईमान वालों तुम उन पर दरूद और खूब सलाम भेजो

फ़ज़ीलत:- इस दरूद की बहुत बड़ी फ़ज़ीलत है नबी सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम ने फरमाया कि “क़यामत के दिन मेरे सबसे करीब वो शख्स होगा जिसने सबसे ज्यादा मुझ पर दरूद भेजा होगा“।

एक और हदीस मे आया है कि नबी सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम ने फरमाया असली बख़ील (कंजूस) वो शख्स है जिसके सामने मेरा जिक्र हो और उसने मुझ पर दरूद न भेजा हो।

Har Namaz ke Baad ki Dua

ये दुआ फ़र्ज़ के अलावा सुन्नत और नफिल नमाज़ में भी पढ़ सकते है उसके साथ ये सबसे छोटा दुआ है जिसको याद करने और पढ़ने में बहुत आसान होता है।

दुआ:- अल्लाहुम्म बारिक ली फिल मौति वफि मा बअु-दल मौति।

तर्जुमा:- ऐ अल्लाह बरकत दे बिच मेरे मौत के और मौत के बाद भी।

Har Sunnat Namaz ke Baad ki Dua

दोस्तों अगर सुन्नत नमाज़ में खास दुआ पढ़ना चाहते है तो ये दुआ पढ़ ले लेकिन इसका ये मतलब हरगिज़ नहीं है की सुन्नत में ऊपर बताया गया दुआ नहीं पढ़ सकता बलके Sunnat ki Namaz में कोई भी दुआ पढ़ सकते है।

Dua:- अल्लाहुम्म अअिन्ना अला जिकुरि-क वशुकरि-क वहुसनि अिबा दति-क।

तर्जुमा:- ऐ अल्लाह हम पर जरुरी है, की हम तेरा जिक्र करें और तेरा शुक्र अदा करें और तेरी अच्छे से इबादत करें।

Namaz ke Baad ki Dua (शहादत का दर्जा पाने के लिए)

Dua:- अल्लाहुम्मा बारिक ली फिल मौति व फीमा बादल मौत।

तर्जुमा:- ऐ अल्लाह मुझे मौत मे बरकत अता फरमा और मौत के बाद जो होना है उस मे भी बरकत अता फरमा।

फ़ज़ीलत:- हज़रत आईशा राज़ी अल्लाहु अन्हो ने हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम से फरमाया की “क्या कोई शख्स बगैर शहादत के भी शहीदों के साथ हो सकता है? तो नबी सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम ने फरमाया के जो शख्स दिन रात मे 20 मर्तबा मौत को याद करे वो हो सकता है।

Namaz ke Baad ki Dua (कंजूसी की दुआ)

हिंदी में दुआ:- अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ुबिका मिनल जुबनि, व अऊज़ु बिका अन अरद्दा इला अर्ज़लिल उमुरि, व अऊज़ु बिका मिन फ़ितनतित दुन्या, व अऊज़ुबिका मिन अज़ाबिल क़बरि. (बुख़ारी 2822)

तर्जुमा:- ए अल्लाह में बुज़दिली और कंजूसी से तेरी पनाह चाहता हूं और में ज़िल्लत (बुढ़ापे) की ज़िंदगी की तरफ़ लौटाए जाने से तेरी पनाह चाहता हूं और दुन्या के फ़ितने से तेरी पनाह मांगता हूं और अज़ाबे क़ब्र से तेरी पनाह मांगता हूं।

नमाज़ के बाद की दुआ आयतुल कुर्सी

हर फ़र्ज़ नमाज़ के बाद Ayatul Kursi की बहुत बड़ी फ़ज़ीलत और बरकत है सभी लोगो को अयातुल कुर्सी याद करना चाहिए.

क्युकी फ़र्ज़ नमाज़ के बाद अयातुल कुर्सी पढ़ने में पढ़ने वाले हो जन्नत नसीब होगा.

नमाज के बाद कौन कौन सी दुआ पढ़ी जाती है?

किसी भी नमाज़ के बाद कौन सी दुआ पढ़े इसका असान जवाब है की आपको जो दुआ याद है उसको पढ़े लेकिन अगर कोई भी दुआ याद नहीं है तो याद करने की कोशिश करे वैसे ऊपर 10 दुआ बताया गया है जिसको याद करके दुआ पढ़े.

आज क्या सिखा

दोस्तों आपने इस पोस्ट में Namaz ke Baad ki Dua सिखा जिसमे 10 से भी ज्यादा दुआ बताया गया है जिसको हमेशा नमाज़ के अन्दर बदल बदल कर पढ़ना चाहिए यानि आज पहला और दूसरा पढ़ा तो कल तीसरा और चौथा पढ़े.

अगर इसके किसी भी तरह का गलती है या कोई ऐसा सवाल जो इसमें होना चाहिए लेकिन नहीं है तो निचे कमेंट जरुर करे जिससे आगे पढ़ने वाले लोगो को मदद हो सकता है और ये सवाब का काम है.

दोस्तों इसी तरह का इस्लामिक जानकारी लेना चाहते है तो इस वेबसाइट को बुकमार्क कर ले ताकि जब भी कोई नया पोस्ट आएगा तो आपको notification आ जायेगा और इस पोस्ट को अपने दोस्तों और फॅमिली में जरुर शेयर करे.

2 Comments

  1. Ishan

    farz namaz ke baad sirf aytul kursi padhni ha ya or bhi?or puri namaz padhne ke baad kon si dua padhna chaiye apni zuban me ya arbi ki please bataiye

  2. syed kaif

    farz namaz ke Baad ko imam Sahab padhte wali Dua konsi gai

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