Khana Khane ki Dua | खाने से पहले और बाद की दुआ

नाज़रीन क्या गूगल पर Khana Khane ki Dua सिखने के लिए खोज कर रहे है और अच्छी जानकारी नहीं मिल पा रहा है तो यह पोस्ट आपके लिए ही बनाया गया है।

दोस्तों हम लोग Khana Khane se Pehle ki Dua तो पढ़ लेते है क्युकी यह बहुत आसान होता है। जिसमे सिर्फ खाने से पहले बिस्मिल्लाह पढ़ कर खाना शुरू कर देना है।

लेकिन Khana Khane ke Baad ki Dua पढ़ना ही भूल जाते है। इसमें दो कारण है जिसकी वजह से इस दुआ को नहीं पढ़ते है। पहला की हम लोगो को बचपन से सिखाया नहीं जाता है और दूसरा किसी दुसरे लोगो को पढ़ते हुए भी देखा नहीं है।

नाज़रीन खुद एक बार सोचो की जो रिजक दे रहा है उसकी तारीफ करना तो बनता है ना इसी लिए यह दुआ पढ़ा जाता है। इसे पढ़ने भी बहुत ज्यादा सवाब मिलता है जिसको विस्तार से निचे बताया गया है।

पहले इस दुआ को याद करने की तरतीब तो मालूम चले लेकिन इसके लिए आप सभी को परेशान होने की जरुरत नहीं है। क्युकी यहाँ पर अरबी, हिंदी और इंग्लिश तीनो भाषा में आसान करके सिखाने की कोशिश किया गया है।

आप सभी एक गुजारिश है की इस दुआ को सिखने के लिए इस पोस्ट को शुरू से आखिर तक पढ़े. जिसके लिए ज्यादा से ज्यादा 10 मिनट्स की जरुरत है।

Khana Khane ki Dua

नाज़रीन इस आर्टिकल से पहले जितने भी दुआ बताया हूँ जैसे Naya Kapda Pehane ki Dua, Musafa Karne ki Dua और Bazar Jane ki Dua. अगर इन सभी दुआ को याद नहीं किये है तो याद करे।

क्युकी जिस तरह से Khana Khane ki Dua पढ़ना जरुरी है उसी तरह से इस्लाम में जितने भी दुआ बताया गया है उन सभी को भी याद करना हम लोगो के लिए आखरत का सामान है।

खाने की दुआ तिन होती है और जिसमे दो दुआ हमेशा पढ़ते है। पहला खाना खाने से पहले की दुआ होती है जो सभी मुस्लमान को जरुर याद होगा।

दूसरा खाना खाने के बिच में यानि कभी कभी ऐसा होता है की जल्दी जल्दी में बिस्मिल्लाह यानि शुरुआत की तस्बीह पढ़ना भूल जाते है उस वक़्त खाते हुए भी तस्बीह पढ़ सकते है।

तीसरा दुआ जो खास कर लोग यहाँ पर सिखने के लिए यहाँ पर तसरीफ लाए है यानि खाने के बाद कौन सी दुआ पढ़ी जाये जिससे हमारा खाना भी एक सवाब का काम बन जाए।

Khana Khane se Pahle ki Dua

नाज़रीन क्या आपको मालूम है खाने से पहले दुआ नहीं पढ़ा जाता है तो वह शैतान का खाना बन जाता है क्युकी उस पर अल्लाह का कलाम नहीं गया है।

और उस खाना में बरकत खत्म हो जाती है इसी लिए खाने से पहले की दुआ को सिखाने के लिए निचे तिन भाषा में यह दुआ लिखा गया है जिससे आसानी से कोई भी शख्स याद कर सकता है।

Khana Khane se Pehla ki Dua in Hindi, English
Khana Khane se Pehla ki Dua

khane se pehle ki dua in Arabic

بِسْمِ اللهِ وَعَلَى بَرَكَةِ اللهِ

खाना खाने से पहले की दुआ

बिस्मिल्लाहि व अला बर क तिल्लाहि

khana khane se pehle ki dua in english

bismillahi wa’alaa barakatillahi

खाना खाने से पहले की दुआ तर्जुमा के साथ

तर्जुमा:- मैंने अल्लाह के नाम से और अल्लाह की बरकत पर खाना शुरू किया।

Khana Khane ke Baad ki Dua

नाज़रीन अभी ऊपर अपने खाने से पहले की दुआ को सिखा उम्मीद करता हूँ की आपको याद होगा। अब चलते है खाने के बाद की दुआ याद करने तो आपको बता दे की यहाँ पर भी तीनो भाषा में अच्छी तरह से लिखा गया है।

जिससे कोई भी शख्स आसानी से याद कर सकता है. इसके अलावा आपको बता दे की निचे जो दुआ बताया जा रहा है जो इसके अलग भी किसी दुसरे वेबसाइट पढने को मिल जाएगा।

तो वह भी दुआ सही ही है क्युकी Khana Khane ki Dua एक से ज्यादा होती है इसी लिए आपको जो आसान लगे वह याद करे।

Khana Khane ke Baad ki Dua
Khana Khane ke Baad ki Dua in Hindi, English, Tarjuma

khane ke baad ki dua in arabic

الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنَا وَسَقَانَا وَجَعَلَنَا مِنَ الْمُسْلِمِينَ

खाना खाने के बाद की दुआ

अलहम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अत अ मना व सकाना व ज अलना मिनल मुस्लीमीन

khana khane ki dua in english

Alhamdulilahil lazi at’amana, wasaqana, waj’alna min-al Muslimeen

खाना खाने की दुआ तर्जुमा के साथ

तमाम खूबियाँ उस अल्लाह के लिए है जिसने हमें खिलाया और पिलाया और मुसलमान बनाया।

Khana Khate Waqt ki Dua

दोस्तों बहुत सारे लोग ऐसे भी होते है जो खाना खाने से पहले की दुआ को भूल जाते है क्युकी उनके सामने खाना आता है तो वह किसी और ख्याल में होते है और उसी वक़्त खाना शुरू कर देते है और दुआ पढ़ना जाते है।

फिर सवाल आता है की ऐसी परिस्थिति में आखिर क्या किया जाए जिससे यह खाना हमारे लिए बन जाये तो इसके लिए भी दुआ बताया गया है जो निचे दिया जा रहा है।

दोस्तों आप इससे अंदाज़ा लगा सकते है की इस्लाम धर्म में कितना आसानी है किसी भी अमल के लिए बहरहाल अभी दुआ सीखते है।

khana khane ke darmiyan ki dua in hindi

बिस्मिल्लाहि अव्वलहू व आखिरह

khana khate waqt ki dua in english

Bismillahi awwalahu wa akhirahu

khate waqt ki dua Tarjuma ke sath

तर्जुमा : “शुरू और आखिर में अल्लाह का नाम लेकर खाता हूँ”

खाना खाने के दरमियान की सुन्नते

दोस्तों अगर आपको खाना खाते हुए भी सवाब कमाना चाहते है तो सुन्नत तरीके से खाना खाए और कुछ सुन्नत वाली बात को भी माने।

यहाँ पर कुछ हदीस बताया जा रहा है जिसको पढ़कर सीखे और जब आप खाना खाने के लिए बैठे तो इसको फॉलो करे।

  • खाना एक साथ खाने से बरकत होती है। (मुसनद अहमद 16078)
  • खाने वाली चीज़ें जैसे खजूर, अंगूर जामुन या ऐसी दूसरी चीज़ें एक बार में एक ही पीस उठाना चाहिये। (बुख़ारी 5446)
  • खाने को हाथ से तोड़ कर खाना चाहिये अगर कड़क होतो दांतों से तोड़ना भी सही है। (बुख़ारी)
  • खाने में दोष नहीं निकालना चाहिये दिल न माने तो चुप चाप खाना छोड़ देना बेहतर है। (बुख़ारी 3563)
  • अगर खाने का निवाला निचे गिर जाए तो उठा कर साफ़ कर के खा लेना चाहिये। (मुस्लिम 2034)

आखिरी बात

दोस्तों मुझे उम्मीद है की आप सभी को Khana Khane ki Dua बहुत अच्छी तरह से समझ में आ गया होगा जिसमे Khana Khane se Pahle ki Dua और Khana khane ke Baad ki Dua सिखा।

इसके अलावा अगर कोई शख्स खाने की दुआ भूल जाए और खाना शुरू कर दे उस वक़्त भी दुआ पढ़ सकते है जिसका तरीका ऊपर बताया गया है।

अगर इसी तरह से इस्लामिक दुआ याद करना है तो इस पोस्ट को अपने सोशल मीडिया में जरुर शेयर करे और इस पोस्ट में किसी भी किस्म की गलती है तो निचे कमेंट करे। खुदा हाफिज!!

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