Dil ki Bimari ki Dua | Heart Attack se Bachne ki Dua

Dil ki Bimari ki Dua

अस्सलामु अलैकुम नाज़रीन आज Dil ki Bimari ki Dua बताने वाला हूँ जिसकी वजह से यह पोस्ट सभी लोगो के लिए बहुत खास है। इसी लिए आप सभी से गुजारिश है की धयान से पढ़े।

लेकिन आप इसका यह बिलकुल भी मतलब ना निकाल लेना की सिर्फ दुआ पढ़ने से ही दिल की बीमारी ठीक हो जायेगा यह तो अल्लाह ता’अला के ऊपर है।

इसका बेहतर यह तरीका है की अगर दिल के मुताल्लिक किसी भी तरह का परेशानी हो तो पहले निचे बताये हुए तीनो दुआ का विर्द करे और फिर भी ठीक ना हो तो किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाए और परेशानी बताये।

नाज़रीन दुआ के साथ दावा की भी जरुरत होता है इसीलिए आप सभी से दर्खावत है की आप दुआ भी पढ़े और दावा भी खाए।

يَا قَوِىُّ الْقَادِرُ الْمُقْتَدِرُ قَوِّنِىْ قَلْبِىْ

या क़विय्युल क़ादिरुल मुक़्तदिरू क़व्विनी क़लबी

Heart Attack se Bachne ki Dua

وَ لِيِرْبِطَ عَلٰى قُلُوْبِكُمْ وَيُثَبِّتَ بِهِ الْاَقْدَامَ

वलियर बिता अला क़ुलूबिकुम वा युसब्बिता बिहिल अक़दाम

Dua for Heart Attack in Quran

فَاِنْ تَوَلَّوْ فَقُلْ حَسْبِىَ اللّٰهُ لَآ اِلٰهَ اِلَّا هُوَ عَلَيْهِ تَوَكَّلْتُ وَهُوَ رَبُّ الْعَرْشِ الْعَظِيْمُ

यह आयत सुरह तौबा की 129 है। अगर किसी शख्स को दिल के मुताल्लिक कुछ भी परेशानी हो तो उसको चाहिए की यह आयत रोज़ पढ़े।

इसके अलावा कैंसर की दुआ पढ़ना चाहते है तो लिंक पर क्लिक करके जरुर पढ़े।

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